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Welcome to my blog! I am a medical doctor currently in the role of a health entrepreneur and a health coach/consultant. My blogs are focused on using a holistic approach towards healthcare. I believe patients are not just diseases but humans as a whole. Therefore, conventional treatments should be combined with alternative/natural therapies. My blogs focus on providing guidance to fix the cause of conditions and not just reduce the symptoms.

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लीवर - एक शक्तिशाली अंग का परिचय - शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) और संरचना


लीवर

परिचय


लीवर दूसरा सबसे बड़ा आंतरिक अंग है, त्वचा के बाद। इस शक्तिशाली अंग द्धारा किए गए 500 से भी अधिक महत्वपूर्ण कार्य हैं। इसलिए इस विषय से जुड़ी सभी बारीकियां और विवरण एक ही बार में सभी पाठकों के लिए एक पोस्ट में फिट नहीं होंगे। और इसलिए, लीवर हेल्थ के सभी विषयों के अलग अलग पोस्ट्स होंगे जिनकी लिस्ट 'लीवर हेल्थ' नाम के लेबल के नीचे मिल जाएंगी|

 

शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) और संरचना


लीवर लगभग एक फुटबॉल के आकार का अंग है जिसका वजन लगभग 3 पाउंड है। यह आपके पेट के दाईं ओर आपकी पसलियों के नीचे स्थित होता है। लीवर भोजन को पचाने और शरीर को विषाक्त पदार्थों से छुटकारा पाने के लिए आवश्यक है, जिसके बारे में हम आने वाले पोस्ट्स में विस्तार से बात करेंगे।

लीवर के दो मुख्य विभाजन या लोब होते हैं (बाएं और दाएं)। प्रत्येक लोब को आगे आठ खंडों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक खंड में अनुमानित 1,000 लोब्यूल या छोटे लोब हैं। इनमें से प्रत्येक लोब्यूल में एक छोटी ट्यूब (वाहिनी) होती है जो सामान्य नलिका की ओर बहती है (ऊपर दिया चित्र देखें)। यह अंग लाल-भूरे रंग का इसीलिए होता है क्योंकि हमारे पूरे शरीर का लगभग १३% रक्त इसी अंग के ज़रिये हो के निकलता है|



लिवर रोग क्या है और इसे कैसे परिभाषित किया जाता है?


लीवर की बीमारी आनुवंशिक हो सकती है, इस मामले में जीवन के शुरुआती वर्षों में  समस्याएं स्पष्ट होती हैं। वैकल्पिक रूप से, लीवर की बीमारी कई प्रकार के कारकों के कारण भी हो सकती है जो लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं, जैसे वायरस, शराब का उपयोग और मोटापा, जो जीवन में कुछ देर से उभर के आते हैं।

लीवर रोग के चरण: 1. बिना किसी लक्षण के लीवर की बीमारी (फैटी लीवर)  -> 2. लीवर में सूजन और दर्द (हेपेटाइटिस)  -> 3. प्रतिवर्ती स्कारिंग (फाइब्रोसिस)  -> 4. स्थायी स्कारिंग (सिरोसिस; अंतिम चरण की बीमारी)


कुछ समय के लिए, लीवर को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियां बिना किसी लक्षण के मौजूद रह सकती हैं या लीवर में सूजन और दर्द के लक्षण पैदा कर सकती हैं। लम्बे समय तक इसका इलाज न करवाने की वजह से यह सूजन अगले चरण, जिसको फाइब्रोसिस कहते हैं, की ओर ले जा सकती है| अगर समय से फाइब्रोसिस का कठोर इलाज किया जाये तो लीवर ठीक हो सकता है अन्यथा यह बिमारी अपने अंतिम चरण की और जा सकती है जिसे सिरोसिस कहते हैं|  सिरोसिस अंततः लीवर फेलियर की ओर जाता है जो घातक हो सकता है।


लीवर की बीमारी से जुड़े सामान्य लक्षण जानें (आगे आने वाले पोस्ट्स में इनके बारे में विस्तार से बताया जाएगा):


१.  त्वचा और आँखें जो पीली दिखाई देती हैं (पीलिया)
२.  पेट में दर्द और सूजन
३.  मल का रंग हल्का पड़ना
४.  गहरे रंग का मूत्र
५.  आसानी से घाव बनना या खून का बहना 
६.  पैरों और टखनों में सूजन
७.  त्वचा में खुजली
८.  थकान / ऊर्जा की कमी
९.  उलटी अथवा मितली
१०. भूख में कमी

यदि आपको कोई चिंता है या ऊपर दिए गए लक्षणों का अनुभव हो रहा है, तो कृपया अपने चिकित्सक से संपर्क करें।


संदर्भ: www.webmd.com, www.healthline.com

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